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पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026

पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के जयपुर देहात उत्तर जिला प्रशिक्षण वर्ग में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय श्री मदन जी राठौड़ के सानिध्य ने प्रशिक्षण वर्ग को विशेष प्रेरणादायी बना दिया। इस दौरान वित्त आयोग अध्यक्ष श्री अरुण जी चतुर्वेदी, संगठन जिला प्रभारी श्री लक्ष्मीकांत भारद्वाज, विधायक श्री कुलदीप धनखड़, श्री हंसराज पटेल एवं अन्य जनप्रतिनिधि का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कोटपुतली भाजपा परिवार के समस्त सदस्यों को इस सफल ऐतिहासिक आयोजन के लिए बधाई देती हूं। ऐसे प्रशिक्षण वर्ग संगठन की विचारधारा को और अधिक मजबूत करते हुए कार्यकर्ताओं में राष्ट्रसेवा, अनुशासन एवं समर्पण की भावना को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।

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आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त गति देने की दिशा में आज सेवायाम एवं रामार्थम फाउंडेशन के मध्य एक महत्वपूर्ण MOU सम्पन्न हुआ।

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“अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” में अब केवल 50 दिन शेष हैं

आज आयुष विभाग के इस गरिमामयी कार्यक्रम में माननीय उपमुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा जी के साथ उपस्थित होकर मैं सभी प्रदेशवासियों से आग्रह करती हूँ कि योग को केवल एक दिवस का आयोजन न मानें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। योग भारत की प्राचीन परंपरा का अमूल्य धरोहर है। यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सशक्त आत्मबल का आधार है। योग हमें संतुलन, अनुशासन और सकारात्मकता के साथ जीवन जीने की दिशा देता है। आइए, हम सभी आज से ही संकल्प लें कि आगामी 50 दिनों तक नियमित योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज को भी स्वस्थ भारत की दिशा में प्रेरित करें। “हर घर योग, हर जन निरोग” के मंत्र के साथ, हम सभी एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागी बनें। योग अपनाइए… स्वास्थ्य, ऊर्जा और संतुलन पाइए। जय हिंद!

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BHARAT Venture Summit नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में यह एक सार्थक पहल

BHARAT Venture Summit के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होकर युवा उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर अपने विचार साझा किए। भारत की युवा शक्ति ही हमारे उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे मंच युवाओं को अवसर, मार्गदर्शन और सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जयपुर, भारत वेंचर्स समिट के दौरान फेडरेशन ऑफ यूनिकॉर्न इनोवेटिव स्टार्टअप्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों की इंस्टालेशन सेरेमनी का जयपुर में आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय सेवा प्रमुख शिव लहरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सौम्या गुर्जर (पूर्व महापौर, जयपुर नगर निगम) और हरेंद्र महावर (महानिरीक्षक पुलिस, ) ने शिरकत की। इस अवसर पर डॉ. आनंद पोद्दार (चेयरमैन एवं फाउंडर, पोद्दार ग्रुप ) और डॉ. संजय खंडेलवाल (चेयरमैन, भारत वेंचर एवं सॉल्यूशन) सहित अनेक अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान FUISI के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का इंस्टालेशन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े शोधकर्ता, इनोवेटर्स और इंडस्ट्री प्रतिनिधि शामिल हुए। डॉ. आनंद पोद्दार (चेयरमैन एवं फाउंडर, पोद्दार ग्रुप ) ने कहा कि FUISI का उद्देश्य भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने बताया कि संस्था नवाचार, रिसर्च और इंडस्ट्री के बीच मजबूत सेतु बनाकर युवाओं को नए अवसर प्रदान कर रही है। कार्यक्रम में FUISI द्वारा विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने और प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई।  संस्था द्वारा रिन्यूएबल एनर्जी, मीडिया टेक, ग्रीन इकोनॉमी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। FUISI ने 10,000 स्टार्टअप्स को मेंटरिंग, फंडिंग और नॉलेज शेयरिंग के माध्यम से सशक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कार्यक्रम में 20 से अधिक स्टार्टअप्स ने अपने नवाचारों का प्रदर्शन निवेशकों के समक्ष किया, जहां विशेषज्ञों द्वारा उनके विचारों का मूल्यांकन कर उन्हें व्यावहारिकता के आधार पर परखा गया।  डॉ. संजय खंडेलवाल (चेयरमैन, भारत वेंचर एवं ZUCOL सॉल्यूशन) ने कहा कि स्टार्टअप्स भारत की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख इंजन हैं। उन्होंने कहा कि FUISI के माध्यम से निवेश, मार्गदर्शन और टेक्नोलॉजी सपोर्ट देकर युवाओं के विचारों को वास्तविकता में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। समिट में खास तौर पर IoT, Artificial Intelligence, emerging technologies पर गहन चर्चा की गई।  इन सेक्टर में काम कर रहे कई promising startups को अपने आइडिया शोकेस करने का मौका मिला। इस दौरान इन्वेस्टर और वेंचर केपीटल एक्सपर्ट्स के साथ डायरेक्टर इंटरेक्शन ने फाउनडर्स को अपने बेजनेस को scale करने,फंडिंग ओपोर्चुनिटीस समझने और सही दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया। शिव लहरी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में स्टार्टअप्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। भारत वेंचर समिट 2026 ने एक बार फिर यह साबित किया कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से आगे बढ़ रहा है और सही प्लेटफॉर्म मिलने पर युवा entrepreneurs बड़े स्तर पर impact create कर सकते हैं। यह समिट startups, investors और पूरे entrepreneurial ecosystem के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में उभरा है, जो आने वाले समय में नए अवसरों और ग्रोथ को बढ़ावा देगा  कार्यक्रम में स्टार्टअप्स ने आईटी, एआई, बैंकिंग, फाइनेंस और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में कई इनोवेटिव आइडियाज पेश किए। आईटी और एआई आधारित स्टार्टअप्स ने स्मार्ट ऑटोमेशन, डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े समाधान प्रदर्शित किए। वहीं बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में फिनटेक प्लेटफॉर्म, डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशंस, ब्लॉकचेन आधारित सिक्योरिटी सिस्टम और माइक्रो-फाइनेंस मॉडल्स पर काम कर रहे स्टार्टअप्स ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। ट्रांसपोर्ट सेक्टर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्मार्ट लॉजिस्टिक्स, एआई-आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट और ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपने प्रोटोटाइप और मॉडल प्रस्तुत किए, जो भविष्य की स्मार्ट सिटी अवधारणा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा सवाई माधोपुर द्वारा जिले में ‘जन आक्रोश रैली’ का आयोजन किया गया।

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा सवाई माधोपुर द्वारा जिले में ‘जन आक्रोश रैली’ का आयोजन किया गया। जिसमें कांग्रेस के खिलाफ जोरदार आक्रोश व्यक्त करते हुए राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष श्री सुरेश जैन, डॉ. भरत मथुरिया, जिला मोर्चा प्रभारी श्री जमनालाल वैष्णव, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती चेतना मीणा, जिला उपाध्यक्ष श्री हरि ओम गर्ग, कार्यालय मंत्री श्री मुकेश शर्मा, प्रवक्ता श्री सुरेंद्र शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती संतोष मथुरिया, श्रीमती सावित्री शर्मा, श्रीमती कृष्णा गुप्ता, श्रीमती चंचल गौतम सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में प्रेस वार्ता

सवाई माधोपुर स्थित भाजपा कार्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। लोकसभा में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों द्वारा महिला आरक्षण बिल को रोकने का प्रयास न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है, बल्कि यह देश की नारी शक्ति का सीधा अपमान भी है। 17 अप्रैल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काले दिन के रूप में याद रखा जाएगा, जब महिलाओं के अधिकारों को राजनीतिक स्वार्थ के चलते बाधित किया गया। आज की नारी जागरूक है, सक्षम है और अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष करने को तैयार है। पीएम @NarendraModi जी के नेतृत्व में 33% महिला आरक्षण सुनिश्चित करना हमारा संकल्प है और यह संकल्प अडिग है। आने वाला समय नारी शक्ति के उत्थान और सशक्तिकरण का साक्षी बनेगा।

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अब निर्णय-निर्माण में बढ़ेगी भागीदारी: नारी शक्ति वंदन अधिनियम का नया भारत

डॉ. सौम्या गुर्जर: नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत में महिलाओं की निर्णय-निर्माण में भागीदारी बढ़ाएगा और लोकतंत्र को अधिक संतुलित बनाएगा। 2 min read भारत • Rahul Yadav • Veejay Chaudhary • Apr 13, 2026 डॉ सौम्या गुर्जर डॉ सौम्या गुर्जर, महापौर, जयपुर नगर निगम (ग्रेटर) Nari Shakti Vandan Adhiniyam: भारत के लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी कभी शून्य नहीं रही, लेकिन यह लंबे समय तक निर्णायक भी नहीं बन पाई। प्रतिनिधित्व था, पर प्रभाव सीमित रहा और यही वह अंतर था, जिसने नीति-निर्माण को अधूरा रखा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी कमी को दूर करने का एक ठोस और आवश्यक प्रयास है। महिला आरक्षण का प्रश्न नया नहीं है। 1996 से यह विषय देश की राजनीति में मौजूद रहा, लेकिन दशकों तक यह सहमति और प्राथमिकता के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाया। वर्ष 2023 में इसे संवैधानिक स्वरूप मिला, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया। यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक ढांचे में एक संरचनात्मक सुधार है। महिला नेतृत्व को मिला नया महत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस अधिनियम को जिस प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया गया, वह यह स्पष्ट करता है कि महिला सशक्तिकरण अब नीति का केंद्र है, न कि केवल एक सामाजिक विमर्श। “महिला-नेतृत्व वाले विकास” की अवधारणा इसी सोच का विस्तार है। भारत में महिलाओं का प्रतिनिधित्व लंबे समय तक सीमित रहा लोकसभा में लगभग 15% और कई विधानसभाओं में इससे भी कम। यह असंतुलन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं था; इसने नीति-निर्माण की दिशा को भी प्रभावित किया। जब निर्णय-प्रक्रिया में विविधता सीमित होती है, तो नीतियां भी सीमित दृष्टिकोण के साथ बनती हैं। वैश्विक अनुभव भी यही दर्शाता है कि जहाँ निर्णय-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी अधिक होती है, वहाँ शासन अधिक संतुलित और संवेदनशील होता है। कई यूरोपीय देशों में यह स्पष्ट रूप से देखा गया है। अक्सर यह तर्क दिया जाता है कि उनकी कम जनसंख्या उनके विकास का मुख्य कारण है यह आंशिक रूप से सही हो सकता है, लेकिन पूर्ण सत्य नहीं। वास्तविक अंतर इस बात से आता है कि निर्णय लेने वालों की सोच कितनी समावेशी है। परिवार से शासन तक नेतृत्व हमारे समाज में यह अनुभव रहा है कि घर की धुरी महिला होती है। वह केवल जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करती, बल्कि संतुलन और दूरदर्शिता के साथ निर्णयों को दिशा देती है। परिवार के स्तर पर जो नेतृत्व स्वाभाविक रूप से विकसित होता है, वही जब शासन में स्थान पाता है, तो नीतियां अधिक संवेदनशील और समाज के वास्तविक सरोकारों से जुड़ी होती हैं। इस अधिनियम का महत्व केवल सीटों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसका वास्तविक प्रभाव निर्णय-निर्माण की प्रकृति में बदलाव के रूप में दिखाई देगा। जब महिलाएं नीति-निर्माण का हिस्सा बनेंगी, तो स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और बालिकाओं से जुड़े मुद्दे अधिक प्राथमिकता के साथ सामने आएंगे। पंचायत से संसद तक बढ़ता प्रभाव भारत में पंचायत स्तर पर महिलाओं के आरक्षण ने पहले ही यह सिद्ध किया है कि अवसर मिलने पर नेतृत्व उभरता है और शासन अधिक उत्तरदायी बनता है। यही अनुभव अब राष्ट्रीय स्तर पर लागू होने जा रहा है, जहाँ महिलाओं की भागीदारी केवल उपस्थिति नहीं, बल्कि प्रभाव के रूप में दिखाई देगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का वास्तविक महत्व आने वाले वर्षों में सामने आएगा, जब यह भारत की नीति-निर्माण प्रक्रिया को अधिक संतुलित और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाएगा। यह केवल सीटों का पुनर्वितरण नहीं, बल्कि नेतृत्व के पुनर्संतुलन की शुरुआत है। जब निर्णय-निर्माण में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित होगी, तब शासन अधिक संतुलित, संवेदनशील और भविष्य उन्मुख बनेगा और यही किसी भी विकसित राष्ट्र की वास्तविक पहचान है। डॉ सौम्या गुर्जर https://t.co/JbsuMov3eR

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