माँ पन्नाधाय का अतुलनीय त्याग और बलिदान इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उनकी वीरता और राष्ट्र भक्ति व निस्वार्थ समर्पण सदैव समाज, विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।

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