आज आयुष विभाग के इस गरिमामयी कार्यक्रम में माननीय उपमुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा जी के साथ उपस्थित होकर मैं सभी प्रदेशवासियों से आग्रह करती हूँ कि योग को केवल एक दिवस का आयोजन न मानें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। योग भारत की प्राचीन परंपरा का अमूल्य धरोहर है।

यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सशक्त आत्मबल का आधार है। योग हमें संतुलन, अनुशासन और सकारात्मकता के साथ जीवन जीने की दिशा देता है। आइए, हम सभी आज से ही संकल्प लें कि आगामी 50 दिनों तक नियमित योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज को भी स्वस्थ भारत की दिशा में प्रेरित करें। “हर घर योग, हर जन निरोग” के मंत्र के साथ, हम सभी एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागी बनें। योग अपनाइए… स्वास्थ्य, ऊर्जा और संतुलन पाइए। जय हिंद!

