संसद में माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम प्रस्तुत किया गया। इसी क्रम में ‘सेवायम’ एवं शक्ति वंदन से जुड़ी महिला शक्ति के साथ चाय पर एक सार्थक एवं संवादात्मक चर्चा की और अधिनियम के राज्य और देश में संभावित प्रभावों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सामाजिक एवं संरचनात्मक कारणों से जो महिलाएं प्रतिनिधित्व के अवसरों से वंचित रह जाती थीं, यह अधिनियम उनके लिए एक सशक्त मंच तैयार करेगा। इसके माध्यम से महिलाओं को चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी, नेतृत्व की भूमिकाओं में आगे बढ़ने तथा निर्णय-निर्माण में सक्रिय योगदान देने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही,कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने इस अधिनियम के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह पहल महिलाओं को केवल सहभागिता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें सशक्त निर्णयकर्ता के रूप में स्थापित करते हुए समावेशी एवं संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।


